अभी कुछ दिन पहले एक पोस्ट दिखी थी जिसमें हिंदी ब्लॉगिंग पर लगातार किए जा रहे कटाक्ष को देखते हुये कुछ तुकबंदी की थी। टिप्पाणी करने वालों ने उस पर तरह तरह के कयास लगाये। उसमें एक जगह यह भी कहा गया था कि जिस थाली में खाते हैं उसी में छेद करते हैं। मुझे बड़ा अटपटा लगा था पूरा मामला। क्योंकि आधा-अधूरा ही समझ में आ सका था। मूरख जो ठहरा :-)
उसके बाद बड़ी वीरता दिखाते हुये अनामी -अनामी जैसा एक खेल शुरू हो गया। कभी कभी मोडेरेशन जैसी कराहट-चिल्लाहट सुनने लगी। हिंदी ब्लॉगिंग की देन कहे जाने वाले ब्लॉग पर आज जब हिंदी ब्लॉगरों पर थू-थू करती एक पोस्ट आयी तो मन और खिन्न हो गया। इसी सिलसिले में आपके सामने एक ऐसी टिप्पणी जाहिर कर रहा हूँ जिसे उस ब्लॉग के कर्ता-धर्ता ने बड़ी सफाई से प्रकाशित ही नहीं होने दिया। मेरी अप्रकाशित टिपाणी और उनका ईमेल में आया जवाब नीचे देखिए।
मैंने लिखा था:
आपने खुद statcounter नहीं लगाया हुया और दूसरों को सलाह दे रहीं। और रही बात abuse करने की तो आपकी एड़ियाँ घिस जायेंगी यह साबित करने में कि मुझ जैसे 59.95.183.227 आई पी एड्रेस वाले ने आपके साथ क्या दुर्व्यवहार किया है।
यदि इतना ही माद्दा रखती हैं तो क्यों गिड़गिड़ाती हैं किसी के सामने कि अपने ब्लॉग से फलां-फलां टिप्पणियाँ हटा लो? जाईये शिकायत कीजिये। साबित कीजिये। क्यों फोन करती हैं किसी को? क्यों मेल करती? क्यों अनाम बन कर टिप्पणी करती हैं फिर जब देखती हैं कि प्रतिक्रिया ही नहीं आयी तो बाद में कहती हैं कि वो टिप्पणी मेरी थी मैंने पीसी पर लॉगिन नहीं किया था इसलिये अनाम बन कर टिप्पणी की, अब नाम बता रही हूँ। पता नहीं कितनी जगह तो आपने बताया ही नहीं। आग लगा कर तमाशा देखते रहे आप।
ये नहीं समझ आता कि आपका भी आई पी कोई देख रहा होगा?
और हाँ ज़रूरत पड़े तो बताईयेगा। अपना पता यहीं लिख देता हूँ। वैसे मैं इस वक्त दुर्ग में हूँ।
उनका जवाब आया ईमेल में:
i counot find any email id on your blog and neither in this comment so where should i contact you . and as conversations on phone and email i am happy that with this comment of yours i can 2+2 and i do record the converstations so that what i spoke i remember
as regds stat counter its for people who want to use it i will if i want please so what is the point in tellingme my ip address is under survilence i am aware of it
rachna
यह टिप्पणी इस पोस्ट पर की गई थी।
अब इसे रोके जाने के कितने कारण होंगे, आप बताईये
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23 April, 2009
देखिए कैसे वरिष्ठ ब्लॉगर भी बिन पढ़े कमेंट कर रहे हैं
कभी कभी तो समय मिल पाता है भाग दौड़ वाले धंधे से मुक्ति पा कर ब्लॉग की दुनिया में विचरणे का। ब्लॉग लिखने की फुरसत मिलती ही नहीं। यह ब्लॉग तो रचना जी की एक टिप्पणी के कारण बन गया था। सो गाहे बेगाहे गलतियां दिखाने के काम आ ही जाता है। इस बार सोचा कौन सब जगह निगाह दौड़ाये चिट्ठाजगत और चिट्ठाचरचा से ही काम चला लेते हैं
मुझे हैरानी भी हुई और तरस भी आया जब मैंने आज 22 अप्रैल वाले चिट्ठाचर्चा को देखा। पाकिस्तान की एक मशहूर गजल गायीका, जिनका जनम, लालन-पालन हरियाणा के रोहतक में हुया, उनका निधन 21 अप्रैल को हो गया था। अनूप सुक्ल महाराज ने उन्हें यह कह कर श्रद्धांजलि दी कि नूरबानो का निधन हो गया। बस फिर क्या था मीनाक्षी ने गायिका नूरबानो को श्रद्धाजंलि देते हुये उनकी याद में कबाडखाने मे उन्ही की गाई हुई गज़ल सुनी, उड़न तश्तरी ने भी लिखा नूरबानो को हमारी श्रद्धांजलि, लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने नूरबानो जी का सँगीत अमर रहने की बात करते हुये लिखा -उन्हेँ श्रध्धाँजलि!
वो तो बी एस पाबला ने याद दिलाया तो अनूप सुक्ल महाराज ने टायपिंग की गलती कहते हुये सुधार कर लिया वरना पता नहीं और कितनों ने अभी उस नूरबानों को टिका दिया होता श्रद्धांजालि का कमेंट। इकबाल बानो तो रह जाती मुँह बाये।
अभी बाकी है, आगे का किस्सा।
यह पोस्ट लिखने लगा तो फिर दिमाग घूमा। डॉ। अनुराग ने तरुण जी को पोस्टो के संग्रह के जुगाड़ के लिए शुक्रिया का एक बोरा भेज दिया और जनमदिन की बधाई भी दे दी, वर्चुअल केक के साथ। अब बताईये, पोस्टो के संग्रह के जुगाड़ करने वाले थे क्न्ट्रोल पैनल वाले तरूण और जनमदिन था अल्पना वर्मा के 13 वर्षीय सुपुत्र तरुण का। अब किसको क्या गया पता नहीं।
समझ में नहीं आता, ये कथित वरिष्ठ ब्लॉगर बिना सोचे-सम्झे-पढ़े ही टिप्पणी लिख देते हैं क्या? कौन मरा किसका जनम्दिन इन्हें कोई होश नहीं?
विशवास नही होता ना? खुद ही क्यों नहीं देख लेते http://chitthacharcha.blogspot.com/2009/04/blog-post_22.html
ये ऐसा क्यों करते हैं कोई बताये मुझ जैसे मूरख को, क्योंकि आप हो ज्ञानी
मुझे हैरानी भी हुई और तरस भी आया जब मैंने आज 22 अप्रैल वाले चिट्ठाचर्चा को देखा। पाकिस्तान की एक मशहूर गजल गायीका, जिनका जनम, लालन-पालन हरियाणा के रोहतक में हुया, उनका निधन 21 अप्रैल को हो गया था। अनूप सुक्ल महाराज ने उन्हें यह कह कर श्रद्धांजलि दी कि नूरबानो का निधन हो गया। बस फिर क्या था मीनाक्षी ने गायिका नूरबानो को श्रद्धाजंलि देते हुये उनकी याद में कबाडखाने मे उन्ही की गाई हुई गज़ल सुनी, उड़न तश्तरी ने भी लिखा नूरबानो को हमारी श्रद्धांजलि, लावण्यम्` ~ अन्तर्मन्` ने नूरबानो जी का सँगीत अमर रहने की बात करते हुये लिखा -उन्हेँ श्रध्धाँजलि!
वो तो बी एस पाबला ने याद दिलाया तो अनूप सुक्ल महाराज ने टायपिंग की गलती कहते हुये सुधार कर लिया वरना पता नहीं और कितनों ने अभी उस नूरबानों को टिका दिया होता श्रद्धांजालि का कमेंट। इकबाल बानो तो रह जाती मुँह बाये।
अभी बाकी है, आगे का किस्सा।
यह पोस्ट लिखने लगा तो फिर दिमाग घूमा। डॉ। अनुराग ने तरुण जी को पोस्टो के संग्रह के जुगाड़ के लिए शुक्रिया का एक बोरा भेज दिया और जनमदिन की बधाई भी दे दी, वर्चुअल केक के साथ। अब बताईये, पोस्टो के संग्रह के जुगाड़ करने वाले थे क्न्ट्रोल पैनल वाले तरूण और जनमदिन था अल्पना वर्मा के 13 वर्षीय सुपुत्र तरुण का। अब किसको क्या गया पता नहीं।
समझ में नहीं आता, ये कथित वरिष्ठ ब्लॉगर बिना सोचे-सम्झे-पढ़े ही टिप्पणी लिख देते हैं क्या? कौन मरा किसका जनम्दिन इन्हें कोई होश नहीं?
विशवास नही होता ना? खुद ही क्यों नहीं देख लेते http://chitthacharcha.blogspot.com/2009/04/blog-post_22.html
ये ऐसा क्यों करते हैं कोई बताये मुझ जैसे मूरख को, क्योंकि आप हो ज्ञानी
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