भिलाई के युवक द्वारा चंद्रयान डिजाइन करने की ख़बर तो आपको मेरे शहर से सटे भिलाई के ब्लॉगर बी एस पाबला जी ने दे ही दी है। अभी अभी जब ख़बर देखी कि चंद्रयान ने चांद की सतह पर प्रचूर मात्रा में लौह अयस्क की मौजूदगी का पता लगाया है। यह लौह अयस्क चांद के पूर्वी बेसिन के पश्चिमी भाग में मौजूद है तो मुझे पाबला जी की याद फिर हो आयी। उनहोंने एक जानकारी आपसे छिपायी है कि उनके पुत्र के नाम पर चन्द्रमा पर कथित रूप से प्लाट है। जिसे हम आप जायदाद कह सकते हैं। अब लोग चाहे कुछ भी कहें, पूर्व भारतीय राष्ट्रपति अब्दुल कलाम, दो भूतपूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति, नासा के अनेकों वैज्ञानिक, हौलीवुड के कई सितारे जब चन्द्रमा पर जमीन खरीद कर बैठे हों, तो पाबला जी के सुपुत्र ने कौन सा बेवकूफी वाला कार्य किया है, जो वह छिपा रहे हैं। विवरण यहाँ देखा जा सकता है और एक समाचार पात्र कि ख़बर यहाँ देखी जा सकती है।
इसकी याद आने की एक और वजह यह भी है कि जमीन के कागजातों में यहाँ लिखा गया है कि चन्द्रमा की सतह के नीचे 4 किलोमीटर व ऊपर 10 किलोमीटर तक पाये जाने वाले ठोस, द्रव, गैस पर उस जमीन के मालिक का हक़ होगा!
तो उनको बधाई देना मत भूलियेगा।
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28 December, 2008
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