खुद ही देखिये ठिठोली वाले ब्लॉगर
(1) - क्यूँ दुबले
(2) - क्यूँ दुबले
इसका जवाब -ठिठोली
खुद ही देखिये जाहिल ब्लॉगर
(1) - और दुबली
प्रतिक्रिया - पढ़े लिखे जाहिल
प्रति-प्रतिक्रिया - स्नेह से
ये है हिन्दी ब्लॉगिंग की देन
जो प्राणी अपने अतीत को भूल जाता है, वह उसे दोहराने को अभिशप्त होता है।