26 October, 2010

वर्धा ब्लॉगर गोष्ठी एवं कार्यशाला का पोस्टमार्टम -6

आज देखिये रवीन्द्र प्रभात क्या कहते हैं वर्धा संगोष्ठी के बारे में

एक अच्छि रिपोर्ट दिये जाने के बाद भी कहिं कहिं कुछ गलत दिख हि गया। जैसे कि लिखा कि इस सगोष्ठी की सबसे बड़ी उपलब्धि रही उत्तर-दक्षिण- पूर्व-पश्चिम सभी दिशाओं से उपस्थित हुए ब्लोगर।  ये ब्लागर उपस्थित नहीं हुये थे सरकारी पैसों से आमंत्रित किये गये थे।्यह बात अलग है कि अभी तक वहाँ पहुंचे किसी ब्लॉगर ने मुंह नहीं खोला है कि उन्हें ई-मेल भेज कर बुलवाया गया था। आगे बताया गया कि पहली बार किसी ब्लोगर संगोष्ठी में क़ानून के जानकार श्री पवन दुग्गल उपस्थित हुए।   यह भी भुगतन कर बुलये गये थे। बलागरों के हक में सरकारी पैसों का यह एक अच्छा उपयोग दिखा। इस पर अक अलग रिपोर्ट वाली पोस्ट पर अजय कुमार झा ने बिल्कुल ठीक कहdाकि सम्मेलन की सबसे बडी उपलब्धि यही कही जाए कि एक प्र्ख्यात कानूनविद ने ब्लॉगिंग और कानून पर संपूर्ण जानकारी से पूरे ब्लॉगजगत को परिचित कराया

पता नही किस धुन मे आ कर इन्होने लिख डाला कि पहली बार सार्वजनिक तौर पर भिन्न-भिन्न विचारधाराओं के ब्लोगर उपस्थित हुये।
 
यहीं एक कमेंट करने वाले ने बhतया कि
Priti sagar coordinate the blogging in wardha..
who has been declared Literary writer without any creative work..
who has got prepared fake icard of non existing employee..

इसि ब्लाग पर दिये लिंक से शब्द सभागार पर जाने पर कुछ सीमा तक बैलेंस्ड रिपोर्ट है लेकिन खुद के द्वारा लिखी गई पोस्ट में अपनी तारीफ करते हुये कहते हैं कि लखनऊ से पधारे श्री रवीन्द्र प्रभात ने ... अपने वक्तव्य प्ररित किया तो सभागार में उपास्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए ।

इसी बीच वह लिख गये मठाधीशों के बारे में कि ऐसे लोगों की तादाद अधिक है जो...अपने अनुभवों को साझा करने से डरते हैं कि कहीं कोई हिंदी ब्लॉगजगत का तथाकथित मठाधीश नाराज न हो जाए!

यही ram tyagi ने प्रश्न किया कि I have not yet seen the summary or core results of this sammelan - also if it was govt sponsored, then why was it not visible in public forums -and blogs ?

काफी हद तक अक अछी रिपोर्ट पर इसका किसीने कोई जवाब नहीं दिया

1 comment:

ali said...

" लेकिन खुद के द्वारा लिखी गई पोस्ट में अपनी तारीफ करते हुये कहते हैं कि लखनऊ से पधारे श्री रवीन्द्र प्रभात ने ... अपने वक्तव्य प्ररित किया तो सभागार में उपास्थित श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए "

"Priti sagar coordinate the blogging in wardha..
who has been declared Literary writer without any creative work.."



इस पर टिप्पणी करना बहुत कठिन है :)